अगर चीन सिर्फ ईस वजह से अपना हक अरुणाचल प्रदेश पर जताता है की छठे दलाई लामा का जन्म तवान्ग मे हुआ, तो हम यह कह सकते है की मानसरोवर मे हमारे आदी देव भगवान शंकर का निवास स्थान है ये बाते आपको वहाँ के स्थानीय निवासीयों से भी पता चल सकती है और महत्वपुर्ण बात मानसरोवर के पहले स्थित मेजर होशियार सिंह की समाधी आज भी हमारे देश की शौर्य गाथा को दर्शाती है लाह्सा के आगे हर ढाबे पर भारतीय कलाकारो के फोटो मिल जायेंगे डीस्कवरी चैनल पर कलर्स आफ ईण्डिया एक बहुत ही मजेदार डाक्युमेन्टरी जो रात्री ९ बजे आती है आप जरुर देखे, अपने देश को दुसरे देशवासीयों के दृष्टिकोण से समझने के लिये एक महत्व्पुर्ण प्रस्तुति डीस्कवरी चैनल द्वारा
Thursday, March 20, 2008
Wednesday, March 12, 2008
पाकिस्तान की करतुत

जी हाँ चीनी निर्माण क्षेत्र की दो प्रमुख कम्पनीयां पाक अधिकृत कश्मीर मे एक बहुत ही बडी पन बिजली परियोजना का ठेका प्राप्त किया है ये परियोजना नीलम नदी के उपर होगी, ईस परियोजना में करीब ४२ किलोमीटर की लम्बी सुरंग होगी जो नीलम नदी के पानी को झेलम नदी तक पहुचायेगी, ये पाकिस्तान के पंजाब और सिन्ध प्रान्त तक जाती है और ईसमे करीब ११०० चीनी ईन्जीनियर एवम हजारो पाकिस्तानी मजदुरो की जरुरत होगी, ईस परियोजना के पुरा होने का प्रस्तवित समय ९३ महीने यानी आठ साल के करीब अगर ये परियोजना पुरी हो जाती है तो निर्माण क्षेत्र में चीन की एक महान उपलब्धी होगी ये दोनो चीनी कम्पनीयां निर्माण क्षेत्र की सर्वश्रेष्ठ कम्पनीयां है यहाँ ध्यान देने की बात है की नीलम नदी का उदगम क्षेत्र भारत में है और ईसी क्षेत्र मे भारत में का भी एक कृष्णा गंगा विधृत परियोजना ईसी नदी के उपर
भारत अपना औपचारिक विरोध जता चुका है की ये परियोजना भारत-पाक नदी बटवारे के अनुकुल नही है
Friday, March 7, 2008
अब अरुणाचल प्रदेश, तवान्ग और आज़ाद काश्मीर भुल जाओ!

हमारी देश की नीति उत्तर पुर्व के प्रति शुरु से ही गलत रही है आज भी हम चीनी तैयारीयों के मुकाबले कही नही टिक सकते चाहे वो मुलभुत ढाचे का विकास का मामला हो या सैन्य तैयारीयो का हर दृष्टिकोण से हम कोसो पीछे है चीन से आज भी अगर आप यहाँ के सीमा क्षेत्र से अगर विदेश फोन करते है तो नम्बर कोड चीन का दिखता है उनके सैनिको की तैयारीयाँ देख कर ए के एण्टोनी जी भी घबरा गये हमारे सारे के सारे साजो सामान १९वी सदी के है और हम २१वी सदी के महाशक्ती से लडने का ख्वाब सजो रहे है सबसे बडे दु:ख की बात यह है की तवान्ग के लोग आज भी चीन के कृपा दृष्टी के उपर जीने को मजबुर है, सामान्य जीवन की सारी मुलभुत चीजे उन्हे चीन से आसानी से प्राप्त हो जाते है जबक अपने देश से काफी कठिनाईयों से हमे यह नही भुलना चाहिये की ३० प्रतिशत उर्जा सिर्फ अरुणाचल प्रदेश से आती है और बहुत सारे गैस के खादान एवम पानी के ढेरो स्त्रोत यहाँ पर मौजुद है चीन इस बात को बखुबी समझता है, और उसने मैकमोहन लाईन से सटे और दक्षिण तवान्ग के पास एक विशाल हवाई अड्डे का निर्माण आरम्भ कर दिया है जो कि अगले साल तक पुरी हो जायेगी उसके बाद उनके लिये सैन्य साजो सामन को लाना एकदम आसान हो जायेगा और जबकी हम आज भी अरुणाचल से तवान्ग पहुचने मे कई दिनो का सफर तय करते है

आज भी हमारे देश के बहुत कम ही लोग तवान्ग और ईसके आस पास के क्षेत्रो को जानते है ईसका दोष मै आज के मिडियाकर्मीयो को देना चाहुगा जो दिन रात ईस चक्कर मे पडे रहते है की कब राखी सावंत का दिल टुटे और ये लोग उसे जोडे.............
पाकिस्तान का लेख अगली बार....
अब तो जागो !!!!!
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